गगन पर किसने उकेरे ये बादल?नीले-सागर पर किसने बिखेरे ये बादल?
कभी रजत-पुंज, कभी विधु-खंड
कैसे रूप बदलते हैं बादल ||
किसान, शुष्क भूमि, पशु-पक्षी
सभी राह तकते - कब आयेंगे बादल ||
कवि, रंगसाज, नाट्यकार, गीतकार
कल्पना-वर्धक, ये बादल ||
सूर्यास्त या चंद्रोदय -
करें द्रश्य मनोहर, ये बादल ||
ज्येष्ठ-अपराह्न की सूर्याग्नि में
निर्धन की छतरी - ये बादल ||
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