प्रतिबिम्ब एक अनेक द्रश्य हैं
मृत्यु तुम्हारे अनेक पक्ष हैं
तुम विशालतम स्त्रोत भय का
तुम अवश्यम्भावी घटना हो
तुम अनुस्मारक क्षणिक-जीवन का
तुम अपरिवर्तनीय अंत हो
तुम विपर्यय उत्पत्ति का
तुम स्थायित्व उपशब्द हो
चेष्टा एक अनेक कृत्य हैं
मृत्यु तुम्हारे अनेक पक्ष हैं
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